
इंदौर. सेबी के रजिस्ट्रेशन के बगैर चल रही एडवाइजरी कंपनियों के संचालकों ने ठगी की राशि ठिकाने लगाने ऑनलाइन फ़ॉड करने वालों ने नया तरीका अपना लिया है। शेयर में निवेश के नाम पर देशभर में लोगों को कॉल कर दो गुना-तीन गुना फायदे का झांसा देकर राशि बैंक में जमा कराते हैं। खुद न फंसे इसलिए मजदूरों, ठेलेवाले, रिक्शा वाले, सब्जी वाले के नाम पर बैंक खाते खुलबाए थे।
विजयनगर पुलिस ने यूनिक कंपनी का फर्जीवाड़ा पकड़ा तो धोखाधड़ी सामने आई। एएसपी राजेश रघुवंशी के मुताबिक, बैंक खातों की जांच की तो पता चला वे मजदूर, ठेलेवाले, रिक्शावाले, सब्जी वाले के नाम है। टीआई तहजीब काजी ने ठेलेवालों को पकड़ा तो पता चला कि कंपनी मालिक संजय बालानी, योगेश उर्फ छोट् हैं, उन्होंने मजदूरों, ठेलेवालों के नाम 12 फर्जी कंपनियां खोली थीं। इनके बैंक अकाउंट में राशि है थे। एक करोड़ जमा होने पर खाता बंद कर देते थे। करीब 12 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है। टीआइ के मुताबिक, आरोपियों ने कंपनी का पता विजयनगर लिखवाया, संचालन अग्रसेन चौराहे के पास से हो रहा था।
फ्रेंचाइजी के नाम पर लोगों को ठगा
पुलिस ने हाल ही में विल साइनर एडवाइजरी कंपनी का फर्जीवाड़ा पकड़ा। कंपनी ने लोगों को फेंचाइजी का झांसा देकर ठगी की। ऑफिस बायपास पर था पता विजयनगर पीयू 4 दर्शाया। पुलिस ने पंकज खूबचंदानी, मोहित को गिरफ्तार किया है।
40 फर्जी कंपनियां आईं, 20 पर इनाम
पुलिस ने एक साल में 40 फर्जी एडवाइजरी कंपनियां पकड़ी और 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकतर मामलों में मुख्य आरोपी हाथ नहीं लगे। 20 आरोपियों पर इनाम घोषित किया, जिनकी तलाश है। सभी के बैंक खातों को सीज कराया।
Published on:
12 Jul 2021 09:50 am
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